आज देश किस तरफ जा रहा है क्या हम सच में विश्ब की महाशक्ति बनने जा रहे है
--एक तरफ रुपया कमजोर हो रहा है
"Before 12 months 1 US $ = IND Rs 39
After 12 months, now 1 $ = IND Rs 51 "
--महगाई बढती जा रही है .
--सीमा पर से आतकी गतिविधिया चालू है
--किसान आत्महत्या करने को मजबूर है
--अमेरिका ने हमारे BPO बाजार पे ने बिधेयक पास करके तलवार लटका दी
--बरोजगारी बढती जा रही है
--भ्रष्टाचार बढता जा रहा है.
इन सबके पीछे हमारी सरकार की गलत नितीओ का नतीजा है अब सरकार इन से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है.
१. राहुल गाँधी उत्तरप्रदेश में अपनी चुनावी रथ यात्रा पे है. अजीत सिंह को नया मंत्री बना दिया क्योकि उनकी पार्टी से गटबंधन जो करना है .
२.अन्ना जी ने जो लोकपाल बिल पारित करने को कहा सरकार की मंशा उसे पारित करने की नहीं है क्योकि वो हो गया तो भ्रष्टाचार कम हो जायगा और नेता लोगो की जेबे खली हो जायगी और जेल जाना पद जायगा .
३. मायाबती जी ने उत्तरप्रदेश को बर्थडे कैक समझा है उसे चार भागो में बतना चाहती है
और इस से पहले जो सरकार ने कदम उठाये है
1) 2G Spectrum Scam = Rs.1.76-lakh crore
2) Commonwealth Games Scam=It is estimated that out of Rs. 70000 crore spent on the Games, only half the said amount was spent on Indian sportspersons.
3) Telgi Scam = Rs. 20000 crore plus
4) Bofors Scam = $16 million
5) The Fodder Scam(“Chara Ghotala") = Rs.900 crore
6) The Hawala Scandal= $18 million bribery scandal
7) IPL Scam
ETC
2) Commonwealth Games Scam=It is estimated that out of Rs. 70000 crore spent on the Games, only half the said amount was spent on Indian sportspersons.
3) Telgi Scam = Rs. 20000 crore plus
4) Bofors Scam = $16 million
5) The Fodder Scam(“Chara Ghotala") = Rs.900 crore
6) The Hawala Scandal= $18 million bribery scandal
7) IPL Scam
ETC
इन राजनेताओ को न तो देश से मतलब है न देश के लोगो से इन्हें बस अपनी कुर्शी से मतलब है जिन लोगो ने बड़े बड़े घोटाले किये उनका तो कुछ नहीं जमानत हो गई पैसा कहा गया कुछ पता नहीं विदेशो में जमा करके रख लिया ! और जो लोग ये चाहते है की देश से भ्रष्टाचार मिट जाये उनके लिए जरुर सरकार अपने कदम उठती है नयी नयी चाले चलती है उन्हें रोकने के लिए.
राहुल गाँधी गाँवो में जा रहे है किसानो से मिल रहे है चुनावी राजनीती के लिए अजीत सिंह जी को मंत्री बना दिया . अगर ये अच्छे राजनेता है तो सबसे पहले किशानो के लिए एक कानून बन्बाते की उनकी फसल का उन्हें सही मूल्य मिले .
कृषि उत्पादों का मूल्य निश्चित करने समय सरकारीतंत्र उन मानकों की अनदेखी करते है जिनके आधार पर लाभकारी मूल्य निश्चित किया जा सकता है। कृषि उपज का लाभकारी मूल्य निर्धारित करते समय पूंजी के रूप में भूमि के मूल्य का ब्याज या उसका किराया, भूमि के तैयारी का खर्च, अन्य संसाधन का मूल्य (इनपुट्स), सिंचाई खर्च, फसल तैयार करने में लगे हुए अन्य कार्य जैसे निराइर, गुड़ाई, कटाई, मड़ाई, आदि का खर्च, भण्डारण एवं यातायात खर्च, भण्डारण पर कम से कम २% हानि, मण्डी खर्च, क्रियाशील पूँजी पर १५% ब्याज तथा सम्पूर्ण खर्च पर २०%, प्राकृतिक आपदा से क्षति आदि प्रमुख बिन्दुओं सहित अन्य आवश्यक बिन्दुओं को जोड़ कर कम से कम १५% लाभांष को जोड़ते हुए उपज का मूल्य निर्धारित करना चाहिए।
अन्ना हजारे जी का लोकपाल बिल भ्रष्टाचार मिटने और देश के विकाश का पहला कदम है अगर सरकार इसको पास नहीं करती तो हमे ऐसी सरकार नहीं चाहिए…….
No comments:
Post a Comment